इनकम टैक्स (Ayakar) 2025-26: Old vs New Regime में क्या अंतर है?
भारत सरकार ने टैक्सपेयर्स को दो विकल्प दिए हैं - पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) और नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime)। दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं। हमारा कैलकुलेटर आपको यह चुनने में मदद करता है कि आपके लिए आपकी सैलरी और इन्वेस्टमेंट्स के आधार पर कौन सा विकल्प बेहतर है।
Old और New Tax Slabs (FY 2024-25 & 2025-26)
सरकार ने New Regime को डिफ़ॉल्ट (Default) बना दिया है और इसके स्लैब में बड़े बदलाव किए हैं। आइए दोनों के स्लैब की तुलना करें:
| आय (Income Slab) - New Regime | टैक्स (Tax Rate) | आय (Income Slab) - Old Regime | टैक्स (Tax Rate) |
|---|---|---|---|
| 0 से ₹3 लाख तक | NIL (0%) | 0 से ₹2.5 लाख तक | NIL (0%) |
| ₹3 लाख से ₹6 लाख | 5% | ₹2.5 लाख से ₹5 लाख | 5% |
| ₹6 लाख से ₹9 लाख | 10% | ₹5 लाख से ₹10 लाख | 20% |
| ₹9 लाख से ₹12 लाख | 15% | ||
| ₹12 लाख से ₹15 लाख | 20% | ₹10 लाख से ऊपर | 30% |
| ₹15 लाख से ऊपर | 30% |
87A की टैक्स छूट (Tax Rebate) का गणित
टैक्स स्लैब देखने में भले ही टैक्स लग रहा हो, लेकिन आयकर अधिनियम की धारा 87A (Section 87A) के तहत सरकार आपको टैक्स में छूट (Rebate) देती है।
- New Tax Regime: अगर आपकी कुल कर योग्य आय (Taxable Income) ₹7,00,000 तक है, तो 87A के तहत आपको ₹25,000 तक की छूट मिलती है। यानी 7 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा (No Tax up to 7 Lakhs)।
- Old Tax Regime: इसमें यह सीमा ₹5,00,000 है। अगर आपकी कर योग्य आय 5 लाख तक है, तो आपको ₹12,500 की छूट मिलती है।
कौन सा रिजीम चुनें? (Old vs New)
यह फैसला पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कितना निवेश (Investment) किया है:
New Regime बेहतर है यदि...
आप कोई खास टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट (जैसे PPF, LIC, ELSS) नहीं करते हैं, किराए के घर (HRA) का दावा नहीं करते हैं, और आप कम माथापच्ची चाहते हैं। जिनकी आय 7-7.5 लाख तक है, उनके लिए यह सबसे बेस्ट है।
Old Regime बेहतर है यदि...
आपकी आय अधिक है और आप 80C (₹1.5 लाख), 80D (Health Insurance), होम लोन के ब्याज (₹2 लाख), और HRA जैसी ढेरों छूटों (Deductions) का पूरा फायदा उठाते हैं।